Gold Silver Price Down 2026 – आज भारत के सर्राफा बाजार और वायदा (MCX) ट्रेडिंग दोनों में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिली है, जिससे निवेशकों और खरीदारों के बीच “अभी खरीदें या इंतजार करें?” जैसे सवाल उठ रहे हैं। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि 2026 में सोने‑चांदी की कीमत क्यों गिरी, इसके पीछे के कारण क्या हैं, 22K और 24K सोने के रेट आज क्या हैं, और क्या यह गिरावट खरीदारी के लिए सही समय है।
सोना और चांदी का बाजार हाल — गिरावट आज भी जारी
पिछले कुछ दिनों में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, विशेषकर चांदी में भारी रिट्रेसमेंट देखा गया। भारतीय राष्ट्रीय राजधानी में चांदी की कीमत लगभग ₹2,70,500 प्रति किलो तक लुढ़क गई है, जबकि पिछले सत्र में यह लगभग ₹2,77,900 थी। इसी तरह सोने का भाव भी लगभग ₹1,62,900 प्रति 10 ग्राम तक गिरा है। यह गिरावट मुख्यतः कमजोर वैश्विक रुझानों, स्ट्रॉन्ग डॉलर और घरेलू वायदा बाजार में प्रॉफिट‑बुकिंग जैसी वजहों से हुई है। इस गिरावट का असर सर्राफा बाजार पर भी साफ नजर आता है। 22K और 24K सोने दोनों के दाम पिछले कुछ सत्रों में नीचे आए हैं, जिससे पारंपरिक खरीदार और निवेशक दोनों ही सोच में पड़ गए हैं कि “क्या यही सही समय है खरीदारी करने का?”
24K और 22K सोने का ताज़ा भाव — अब कितना सस्ता
आज (27 फरवरी 2026) के आधार पर भारत में सर्राफा बाजार और MCX पर सोने के ताज़ा रेट इस प्रकार हैं। 24K सोना: लगभग ₹1,61,010 प्रति 10 ग्राम 22K सोना: लगभग ₹1,47,590 प्रति 10 ग्राम। दामों में हल्की चढ़‑उतार चल रही है, लेकिन गिरावट की मुख्य छाया बनी हुई है। इन रेटों में GST और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होते हैं, इसलिए जेवर खरीदते समय कुल भाव थोड़ा ऊपर जा सकता है। पिछले सप्ताह की तुलना में इन रेटों में गिरावट देखने को मिली है, जिसका सबसे बड़ा कारण वैश्विक बाजार के कमजोर संकेत रहे हैं।
सोने‑चांदी के दाम क्यों गिर रहे हैं — विशेषज्ञों के मुख्य कारण
सोने‑चांदी की कीमतों में गिरावट केवल भारत तक सीमित नहीं है, यह वैश्विक परिपाटी का हिस्सा भी है। इसके पीछे प्रमुख कारण हैं
वैश्विक बाजार का दबाव
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना और चांदी का रुझान कमजोर रहा है। कमजोर आर्थिक संकेत और कच्चे धातु की मांग में नरमी ने सोने‑चांदी में बिकवाली को बढ़ावा दिया है।
मजबूत अमेरिकी डॉलर
एक मजबूत डॉलर आमतौर पर उन निवेश आवेदनों को कम आकर्षक बनाता है जो सोने और चांदी जैसे कीमती धातुओं में होते हैं। जब डॉलर की कीमत मजबूत होती है, तो निवेशक सोने जैसे ‘सुरक्षात्मक’ धातुओं से हटकर डॉलर में निवेश करने की सोचते हैं।
मुनाफा वसूली (Profit Booking)
कुछ निवेशकों ने सोने‑चांदी में पिछले रिकॉर्ड ऊँचाईयों पर बिकवाली की है, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ा है। जब कई निवेशक एक साथ बिकते हैं, तो कीमतें जल्दी गिर सकती हैं।
बाजार अनिश्चितताएं और वैश्विक राजनीतिक प्रभाव
अनिश्चित वैश्विक राजनीतिक हालात, जैसे इरान‑यूएस तनाव, और आर्थिक नीतियों से जुड़े सवाल, बाजार को उत्साहित या डराए हुए रख सकते हैं। इन संकेतों का भी भावों पर सीधा असर होता है।
क्या यह गिरावट खरीदने का सही समय है — निवेशकों की राय
जब कीमती धातुओं के भाव गिरते हैं, तो पारंपरिक खरीदार और निवेशक अक्सर यही सोचते हैं कि “अब खरीदारी का अच्छा अवसर है”। नीचे दिए गए बिंदु आपकी निर्णय प्रक्रिया में मदद कर सकते हैं
1. लंबी अवधि का निवेश (Long‑Term Investing)
अगर आप सोना‑चांदी को लंबे समय के लिए खरीदना चाहते हैं जैसे शादी‑त्योहार, बच्चे की पढ़ाई, भविष्य सुरक्षा आदि, तो गिरावट वाला समय खरीदारी के लिए लाभदायक हो सकता है।
2. तुरंत लाभ के लिए ट्रेडिंग
यदि आप कम अवधि के निवेश जैसे कुछ सप्ताह/महीने के बारे में सोच रहे हैं, तो गिरावट के बाद भविष्य में होने वाली संभावित बढ़त को ध्यान में रखना जरूरी है। कभी‑कभी बाजार जल्दी सुधार कर ऊपर भी चला जाता है।
3. धैर्य रखना आवश्यक है
सोने‑चांदी में गिरावट कभी‑कभी और भी जारी रह सकती है। यदि आप बहुत सावधानी से निवेश करना चाहते हैं, तो बाजार की और गिरावट का इंतज़ार करना भी एक रणनीति हो सकती है। विशेषज्ञ आम तौर पर कहते हैं कि “पानी की तरह गिरता हुआ भाव वापस भी ऊपर उछल सकता है” यानी फिर से तेजी आ सकती है।
सोना‑चांदी की भावनात्मक और पारंपरिक अहमियत
भारत में सोना केवल निवेश की वस्तु नहीं, बल्कि संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा है। शादी‑त्योहारों के अलावा सोना को ‘सुरक्षा और संपत्ति का प्रतीक’ भी माना जाता है। चांदी भी धार्मिक समारोहों, त्यौहारों और निवेश के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जब इन धातुओं के भाव गिरते हैं, तो पारिवारिक खरीदारों से लेकर छोटे निवेशकों तक सभी ध्यान से बाजार को देखते हैं। ऐसे समय में यह समझना महत्वपूर्ण है कि भावों में गिरावट और उछाल केवल सांख्यिकीय संकेत नहीं हैं, इसका असर भावनात्मक और आर्थिक निर्णयों पर भी पड़ता है।
निष्कर्ष — गिरावट क्या अवसर है या चेतावनी
सोना और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट ने निवेशकों और खरीदारों दोनों को “सोना‑चांदी खरीदने या इंतजार करने” की स्थिति में खड़ा कर दिया है। 22K और 24K सोना दोनों के दाम नीचे आए हैं, यह खरीदारी के लिए एक अवसर प्रदान कर सकता है। चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है, खासकर वैश्विक संकेतों के प्रभाव से। गिरावट का कारण मुख्य रूप से वैश्विक आर्थिक दबाव, डॉलर मजबूती और प्रॉफिट‑बुकिंग है। अंत में, यदि आपका लक्ष्य लंबी अवधि के लिए निवेश करना है तो गिरावट के समय सोना‑चांदी खरीदना लाभदायक हो सकता है, लेकिन यदि आप केवल अल्पकालिक लाभ के लिए निवेश कर रहे हैं, तो पहले बाजार के रुझानों को ध्यान से समझना और पेशेवर सलाह लेना बेहतर होगा।


